प्रधानमंत्री ने सेपक टकरा विश्व कप 2025 में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने पर पुरुष रेगु टीम को बधाई दी

देश पंजाब

जालन्धर
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प्रधानमंत्री ने सेपक टकरा विश्व कप 2025 में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाने पर पुरुष रेगु टीम को बधाई दी
दिनांक 26 मार्च 2025 पी.आई.बी. दिल्ली
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेपक टकरा विश्व कप 2025 में भारतीय सेपक टकरा दल को उनके अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक लाने पर भी टीम की सराहना की।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा:
“सेपक टकरा विश्व कप 2025 में शानदार खेल के प्रदर्शन के लिए हमारे दल को बधाई! यह दल 7 पदक लेकर आया है। पुरुषों की रेगु टीम ने भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
यह शानदार प्रदर्शन वैश्विक सेपक टकरा के खेल में भारत के लिए आशाजनक भविष्य का संकेत देता है।”
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प्रधानमंत्री ने तपेदिक रोग के खिलाफ युद्ध को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की
दिनांक 26 मार्च 2025 पी.आई.बी. दिल्ली
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत के तपेदिक उन्मूलन के महत्वाकांक्षी मिशन में योगदान देने वाले सभी लोगों की हृदय से सराहना की। उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रयासों की बढ़ती गति पर बल दिया जो एक स्वस्थ और टीबी मुक्त भारत का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा की ओर से एक्स पर किए गए पोस्ट का उत्तर देते हुए उन्होंने लिखा:
“मैं उन सभी लोगों की सराहना करता हूं जो टीबी के खिलाफ़ लड़ाई को मज़बूत कर रहे हैं और #TBMuktBharat में योगदान दे रहे हैं। यह उल्लेखनीय है कि यह प्रयास जमीनी स्तर पर कैसे गति पकड़ रहा है, जिससे एक स्वस्थ भारत का निर्माण सुनिश्चित हो रहा है।”
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माही नेशनल को-आपरेटिव फेडरेशन आफ FPO’s के कार्यक्रम का केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया शुभारंभ

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की सेवा करने का विनम्र प्रयास कर रहे हैं- श्री शिवराज सिंह चौहान

खेती को फायदे का सौदा बनाने के लिए हमारी 6 सूत्रीय रणनीति – केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

टेक्नालॉजी को लैब टू लैंड पहुंचाने पर हमारा फोकस – श्री चौहान

FPO का प्रयोग कृषि उत्पादन लागत घटाने का ही उपक्रम – श्री शिवराज सिंह चौहान

जहां समस्याएं हैं, वहां जूझेंगे, किसान और खेती को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे – श्री चौहान
दिनांक 26 मार्च 2025 पी.आई.बी. दिल्ली
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज माही नेशनल को-आपरेटिव फेडरेशन आफ FPO’s द्वारा आयोजित “Strengthening FPOs – Empowering Farmers” कार्यक्रम का ए.पी. शिंदे सभागृह, पूसा, नई दिल्ली में शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा। किसान अन्नदाता, सब्जीदाता, फलदाता और जीवनदाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की सेवा करने का विनम्र प्रयास कर रहे हैं। हम सब एक विशिष्ट लक्ष्य की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे यहां छोटी जोत के आकर होते हैं। दुनियाभर में अगर देखें तो 5 से 10 हजार एकड़ के फार्म एक किसान के पास हैं जबकि हमारे यहां 86% से ज्यादा छोटे व सीमांत किसान हैं, जिनके लिए आजीविका की गाड़ी चलाना मुश्किल होता है। इनके लिए खेती को फायदे का सौदा बनाने की हमारी 6 सूत्रीय रणनीति है – प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन लागत घटाना, उत्पाद का उचित मूल्य देना, यदि कोई आपदा आ जाएं तो नुकसान की भरपाई करना, कृषि का विविधीकरण और धरती की सेहत का ख्याल रखना।
श्री चौहान ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए पिछले वर्ष बीजों की 109 नई किस्में जारी की हैं। हमारा फोकस है कि टेक्नालॉजी को लैब टू लैंड तक पहुंचाएं लेकिन हमारी सीमाएं भी हैं। दूसरे देश जीएम सीड से बंपर उत्पादन करते हैं लेकिन हम अनुमति नहीं देते। दूसरे देशों में उत्पादन बहुत होता है लेकिन हमारे यहां कम है, क्योंकि हमें प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं करना है। अच्छे बीज, मेकेनाइजेशन, किसान के पास लगाने के लिए पूंजी भी हो। हमने किसान क्रेडिट कार्ड – केसीसी की राशि की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रु. की है। लागत घटाने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भी है।
उन्होंने बताया कि फर्टिलाइजर पर सब्सिडी पिछले साल 2 लाख 54 हजार करोड़ रूपये थी। मोदी सरकार ने तय किया है कि डीएपी की बोरी 1350 रूपये में ही मिलेगी और 266 रूपये में यूरिया की बोरी मिलेगी। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एफपीओ का प्रयोग उत्पादन की लागत घटाने का ही उपक्रम है। उन्होंने कहा कि ‘संघे शक्ति कलियुगे’, एफपीओ का मूलमंत्र है। खाद-बीज खरीदना, उत्पाद बेचना, प्रोसेसिंग करना, ये अकेला किसान नहीं, किसानों का संगठन कर सकता है। देशभर में 10 हजार नए एफपीओ बन चुके हैं जिनमें से कई बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को ठीक दाम मिलना भी आवश्यक है। उत्पाद के ठीक दाम देने के लिए एमएसपी की व्यवस्था की है। टमाटर, आलू, प्याज के लिए हमने योजना बनाई है। छोटे शहरों में उत्पाद सस्ता बिकता है, ऐसे में नाफेड या राज्य की एजेंसी, किसान के साथ मिलकर काम करते हुए उनके उत्पाद दूसरे शहर में आएंगे, तो ट्रांसपोर्ट का खर्च सरकार उठाएगी। सब्जियों के रेट यदि पिछले साल से 10% गिर गए तो बाजार हस्तक्षेप मूल्य तय करेंगे। एवरेज प्राइज़ आईसीएआर तय करेगा। उसमें और मार्केट रेट में जितना अंतर है, उसे डीबीटी के माध्यम से किसान के खाते में डालेंगे। इसमें 50% केंद्र और 50% राज्य सरकार देगी।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्याज पर 40% एक्सपोर्ट ड्यूटी थी, उसे घटाकर 20% किया गया और अब 1 अप्रैल से 0% कर दी गई है। सोयाबीन की इम्पोर्ट ड्यूटी 0% थी, उसे हमने 27.5% कर दिया ताकि हमारे किसान को बेहतर दाम मिले। इसी तरह, बासमती चावल के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 0% कर दी है। श्री चौहान ने कहा कि एफपीओ के लिए लाइसेंस नीति सरल व आसान हो, इस पर हम काम करेंगे। केसीसी कार्ड के बारे में भी विचार करेंगे। जहां समस्याएं हैं, वहां जूझेंगे। किसान-खेती बची रहे, उसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री ऐंदल सिंह कंसाना, भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्री मोहिनी मिश्र, अ.भा. संगठन मंत्री श्री दिनेश कुलकर्णी एवं माही नेशनल को-आपरेटिव फेडरेशन आफ FPO’s के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में सैकड़ों एफपीओ के सदस्य किसान भाई-बहन और कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे।

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