जालंधरःचेतन की रिपोर्ट:जालंधर कैंट स्टेशन पर रेलवे विभाग ने एक फर्जी रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर को काबू किया। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर कथित तौर पर लंबे समय से फर्जी पहचान पत्र के सहारे रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब झाड़ रहा था। लेकिन जब कैंट रेलवे स्टेशन पर आरोपी चेकिंग स्टाफ पर रौब दिखा रहा था तभी रेलवे कर्मचारियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। आरोपी की पहचान जावेद अली के रूप में हुई है। सूचना पाकर जब मौके पर पहुंचे कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर ने आरोपी से आधिकारिक रेलवे पहचान पत्र मांगा। तो आरोपी आनाकानी करने लगा और उससे आईडी कार्ड न मिलने पर इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया। जिसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का पुराना भी आपराधिक रिकॉर्ड है। वह एक साल पहले भी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर इसी तरह फर्जी रेलवे अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक आरोपी पिछले करीब 6 महीनों से फिरोजपुर मंडल में खुद को विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर ट्रेनों में मुफ्त एसी यात्रा, वीआईपी ट्रीटमेंट और रेलवे स्टाफ पर धौंस जमाने का काम कर रहा था। इतना ही नहीं वह कई बार चेकिंग स्टाफ के साथ ट्रेनों, बुकिंग काउंटरों और रेलवे कार्यालयों में भी पहुंच जाता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। वहीं घटना का पता चलने के बाद फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को विजिलेंस अधिकारी या वरिष्ठ रेलवे अफसर बताकर धौंस जमाए तो उससे वैध पहचान अवश्य मांगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी ऐसे व्यक्ति पर संदेह होने पर तुरंत RPF, GRPF या स्टेशन मास्टर को सूचित करें।

